सितंबर में अत्यधिक बारिश की संभावना, पहाड़ी राज्यों के लिए विशेष चेतावनी

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले सितंबर महीने को लेकर एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष सितंबर का महीना सामान्य से कहीं अधिक गीला रहने की संभावना है। विशेषकर पहाड़ी राज्यों के लिए यह चेतावनी और भी गंभीर है।

मौसम विभाग के मुताबिक आगामी तीन से चार दिनों तक उत्तर-पश्चिमी भारत में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। हिमाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। इस दौरान मणाली क्षेत्र और आसपास के इलाकों में बादल फटने की घटनाएं भी देखी गई हैं।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसूनी हवाओं की सक्रियता के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। IMD ने सभी पहाड़ी राज्यों की सरकारों से अपील की है कि वे पूर्व चेतावनी प्रणाली को सक्रिय रखें और आपातकालीन तैयारियों को पूरा करें।

इस मौसमी पूर्वानुमान के अनुसार सितंबर में सामान्य से 15-20 प्रतिशत अधिक बारिश होने की संभावना है। राजधानी दिल्ली सहित उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी तेज बारिश के साथ-साथ गरज और बिजली गिरने की चेतावनी है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए उचित व्यवस्था करें।

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मौसम विभाग ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा से बचें या फिर मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा की योजना बनाएं। विशेषकर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में जाने से पहले स्थानीय मौसम विभाग से संपर्क करना आवश्यक है।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी सभी राज्य सरकारों को अलर्ट जारी किया है। बाढ़ और भूस्खलन से निपटने के लिए राहत और बचाव दल तैयार रखे गए हैं। नदियों के जल स्तर की निरंतर निगरानी की जा रही है और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की व्यवस्था की गई है।

मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार अगले दो सप्ताह तक देश के विभिन्न हिस्सों में मौसमी गतिविधियां तेज रहेंगी। इस दौरान तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है। किसानों के लिए यह स्थिति फायदेमंद हो सकती है लेकिन शहरी इलाकों में जलभराव की समस्या हो सकती है।

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